नई दिल्ली (जागता भारत रेलवे ब्यूरो): भारत में सेमी-हाई-स्पीड वंदे भारत ट्रेनों और 18 से अधिक शहरों में मेट्रो रेल नेटवर्क के तीव्र विस्तार के चलते तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों ने 2026 बैच के लिए लोको पायलट कंप्यूटर ड्राइविंग सिम्युलेटर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम शुरू कर दिया है।
90 घंटे का फुल-मोशन कैब सिम्युलेटर प्रशिक्षण अनिवार्य
तकनीकी परिषद द्वारा जारी नवीनतम मानकों के अनुसार, रेल एवं मेट्रो ऑपरेशंस में करियर बनाने वाले छात्रों को फुल-मोशन विजुअल प्रोजेक्शन कैब, न्यूमैटिक ब्रेकिंग रैक और SCADA सिग्नलिंग टेस्टबेंच पर 90 घंटे का सिमुलेशन पूरा करना होगा।
🚆 रेलवे तकनीकी सर्टिफिकेशन रूपरेखा:
- प्रशिक्षण मॉड्यूल: 3-फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव ऑपरेशंस, आपातकालीन ब्रेक रिकवरी, SCADA मेट्रो सिग्नलिंग।
- पात्रता: आईटीआई (इलेक्ट्रीशियन/फिटर/इलेक्ट्रॉनिक्स), डिप्लोमा (मैकेनिकल/इलेक्ट्रिकल) या विज्ञान स्नातक।
- करियर संभावनाएं: निजी मालगाड़ी ऑपरेटर, कंटेनर डिपो, मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन्स एवं रेलवे तकनीकी वेंडर।
- सैलरी रेंज: प्रमाणित सिम्युलेटर ऑपरेटरों के लिए ₹4.2 लाख से ₹8.0 लाख प्रतिवर्ष।
रेलवे तकनीकी संस्थानों की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, कम्प्यूटरीकृत सिम्युलेटर पर प्रशिक्षित उम्मीदवार व्यावहारिक चयन परीक्षाओं में 98.4% की सफलता दर हासिल कर रहे हैं।